सीजी भास्कर, 29 जुलाई। दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 म्यूल बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। (Durg Cyber Fraud)
इन खातों का उपयोग ठगी की रकम जमा करने, उसे अन्य खातों में ट्रांसफर करने और बाद में नकद निकालने के लिए किया जाता था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
यह भी पढ़ें : Durg Cyber Crime: म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 15 आरोपी गिरफ्तार
इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक खातों का खुलासा : Durg Cyber Fraud
पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया गया। साइबर अपराध की भाषा में ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ या ‘लेयर-1 अकाउंट’ कहा जाता है। जांच में यह भी पता चला कि कई खाताधारकों ने जानबूझकर या अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज साइबर अपराधियों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराए थे।
यह भी पढ़ें : Mule Account Scam: जामुल में साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार

खाताधारकों को किया गिरफ्तार
भिलाई नगर थाना में अपराध दर्ज कर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब बैंकिंग ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।
यह भी पढ़ें : Online Fraud Awareness : सावधान! ऑनलाइन ऑफर में फंसना पड़ सकता है महंगा, साइबर ठगी ऐसे बना रहे शिकार
मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क की तलाश जारी : Durg Cyber Fraud
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठग सीधे अपने बैंक खातों का उपयोग नहीं करते। वे लोगों को लालच देकर या किराए पर उनके बैंक खाते हासिल करते हैं। ठगी की रकम सबसे पहले इन्हीं खातों में जमा की जाती है और फिर कई अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी जाती है, ताकि रकम के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना मुश्किल हो जाए। इसी वजह से म्यूल बैंक खाते साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का अहम हिस्सा माने जाते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें : Online Task Scam Raipur: सोशल मीडिया कमाई के लालच में स्कूल प्रिंसिपल से 22 लाख की साइबर ठगी


