सीजी भास्कर, 06 अगस्त। दुर्ग बस स्टैंड पर बुधवार रात उस समय हलचल (Child Rescue) मच गई, जब संयुक्त टीम ने एक बस से आए बच्चों को रोककर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में जो जानकारी सामने आई, उसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। कई बच्चों को यह तक नहीं पता था कि उन्हें आखिर कहां और किस काम के लिए ले जाया जा रहा है।
रेस्क्यू के बाद बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर भोजन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और बच्चों को काम दिलाने के नाम पर लाने वालों की भूमिका खंगाली जा रही है।

यह भी पढ़ें : Excellent Players List : खिलाड़ियों का इंतजार खत्म, सरकार ने जारी की 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची
बस स्टैंड से 16 बच्चों का रेस्क्यू Child Rescue
राज्य बाल आयोग से सूचना मिलने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग बस स्टैंड पर रायपुर से आने वाली बस की निगरानी की। रात करीब साढ़े आठ बजे बस पहुंचने पर उसमें सवार 16 बच्चों को सुरक्षित उतारकर पूछताछ की गई। जांच में 7 बच्चे नाबालिग और 9 बालिग पाए गए। सभी बच्चे कबीरधाम जिले के रहने वाले हैं।
काम दिलाने का दिया गया था झांसा
प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि पहले उन्हें रायपुर में काम दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दुर्ग भेज दिया गया। कई बच्चों को यह भी जानकारी नहीं थी कि उन्हें दुर्ग में कहां ले जाया जाएगा। कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश में 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था।
यह भी पढ़ें : Compassionate Appointment : शादी के बाद भी नहीं छिनेगा हक, अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
बच्चों को लेने पहुंचे व्यक्ति से पूछताछ
रेस्क्यू के दौरान बच्चों को लेने पहुंचे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को किसके कहने पर लाया गया और उन्हें आगे कहां भेजने की तैयारी थी।
नाबालिग बच्चों को आश्रय गृह भेजा गया Child Rescue
जांच में मिले 7 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृह में रखा गया है। गुरुवार को उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। समिति के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सभी बच्चों की अलग अलग काउंसलिंग और विस्तृत पूछताछ भी की जाएगी।
यह भी पढ़ें : Smart Meter : स्मार्ट मीटर और बिजली बिल को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, मांगें नहीं मानी गईं तो होगा चरणबद्ध आंदोलन
मानव तस्करी के एंगल से भी जांच
महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच (Child Rescue) कर रही है। यदि जांच में बाल श्रम या मानव तस्करी से जुड़े किसी संगठित नेटवर्क के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खबरें और भी हैं : BJP Meeting : संगठन को धार देने की तैयारी तेज, बैठक में बूथ से लेकर तिरंगा यात्रा तक बना बड़ा खाका


