सीजी भास्कर, 23 अगस्त : नीट यूजी काउंसलिंग 2026 (NEET UG Counselling 2026) को लेकर छत्तीसगढ़ में राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने साफ कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के हक की एक भी सीट प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। डोमिसाइल या दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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स्थानीय छात्रों के हितों से नहीं होगा समझौता
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और MBBS की सीटें बढ़ाने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक बच्चों को मेडिकल शिक्षा का अवसर देना है।
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डोमिसाइल को लेकर शिकायत मिली तो होगी जांच
मंत्री ने कहा कि डोमिसाइल को लेकर कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। व्यवस्था को पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वहीं, नियमों का उल्लंघन या फर्जीवाड़ा मिलने पर किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरा माना जाएगा प्रवेश
छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति ने स्पष्ट किया है कि केवल मेरिट सूची में नाम आने या किसी संस्थान में सीट आवंटित होने से प्रवेश अंतिम नहीं माना जाएगा। NEET UG Counselling 2026 में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम, सीट आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा और प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।
नियमों के मुताबिक आवंटन के बाद अभ्यर्थी को आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इन दस्तावेजों के सत्यापन में पात्र पाए जाने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।
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नियम 7 के तहत होगी दस्तावेजों की जांच
छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के तहत ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में दस्तावेजों का सत्यापन शामिल है। इसमें मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी या संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र और नियमानुसार अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
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गलत जानकारी देकर लिया प्रवेश तो होगा निरस्त
प्रवेश नियम के नियम 12 में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने झूठी या गलत जानकारी देकर अथवा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया है, तो उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। प्रवेश के बाद भी यदि किसी स्तर पर यह सामने आता है कि अभ्यर्थी को गलती या चूक के कारण प्रवेश मिला था, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मूल निवासी प्रमाण-पत्र या अन्य दस्तावेजों को लेकर शिकायत सामने आने पर भी जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
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अफवाहों पर ध्यान न दें, पोर्टल पर दर्ज करें शिकायत
राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि काउंसलिंग को लेकर किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल के Candidate Login में उपलब्ध Candidates Grievances and Query Redressal System के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकती है। अभ्यर्थी काउंसलिंग शाखा के ई-मेल cgdme.counseling@gmail.com पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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