सीजी भास्कर, 17 सितंबर : कवर्धा के बैगा अंचल में बच्चों की समस्याएं जानने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल चौपाल 2.0 (Kawardha Child Rights) लगाई। बच्चों से सीधे संवाद कर उन्होंने पढ़ाई, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य को लेकर उनकी बात सुनी। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

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दूरस्थ विशेष जनजातीय क्षेत्र बैरख में आयोजित बाल चौपाल 2.0 (Kawardha Child Rights) में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। डॉ. शर्मा ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों, समस्याओं और भविष्य के लक्ष्य पूछे। उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचल के बच्चे प्रतिभाशाली हैं। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी संसाधन और सुरक्षित वातावरण मिले तो उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
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बच्चों ने खुलकर बताई अपनी समस्याएं
बाल चौपाल में बच्चों ने अपनी समस्याएं और जरूरतें खुलकर सामने रखीं। क्विज और बाल अधिकारों पर आधारित सांप-सीढ़ी जैसे खेलों के जरिए बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बच्चों से चर्चा की गई।
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डॉ. शर्मा ने बच्चों को बिना झिझक अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने संस्थानों में नियमित काउंसलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बच्चों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने और आधुनिक तकनीक के जरिए सीखने के अवसर बढ़ाने की बात भी कही।
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आश्रम में मिली कमियां, तत्काल सुधार के निर्देश
आयोग अध्यक्ष ने आदिवासी बालक आश्रम बैरख सहित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, भंडार गृह, शिक्षकों की उपलब्धता और मलेरिया से बचाव की व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
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मलेरिया से बचाव के लिए नई मच्छरदानियां उपलब्ध कराने को कहा गया। शिक्षकों की कमी के संबंध में आवश्यक पत्राचार कर आयोग को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए। हाई स्कूल में विज्ञान विषय के उपकरणों की कमी को दूर करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया।
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बाल गृह में बच्चों के साथ किया रात्रि भोजन
शासकीय बालक गृह कवर्धा के निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों के साथ रात्रि भोजन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली। एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया गया।
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डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों से सीधे संवाद के जरिए उनकी वास्तविक समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। उन्होंने संस्थानों में बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
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एकलव्य विद्यालय में विद्यार्थियों संग मनाया प्रधानमंत्री का जन्मदिन
एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव में आयोग अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने उनके संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरित होने की बात कही। विद्यार्थियों ने भविष्य में राष्ट्र सेवा में योगदान देने का संकल्प भी लिया। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्यों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की समस्याओं को समय पर सामने लाने के लिए नियमित काउंसलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर सभागृह में बाल अधिकारों की समीक्षा
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभागृह में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बाल अधिकारों और शासन की योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
आश्रम शालाओं और छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आदिवासी विकास विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया। स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होने तक अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खासकर गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय के शिक्षकों की उपलब्धता पर जोर दिया गया।
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बाल श्रम और COTPA एक्ट पर अभियान के निर्देश
बैठक में COTPA एक्ट और बाल श्रम अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय और नियमित अनुश्रवण के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। PCPNDT एक्ट के प्रभावी संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया।
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महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग को समन्वय स्थापित कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और मिनीमाता महतारी जतन योजना के पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। आयोग अध्यक्ष ने बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए विभागों को जवाबदेही और तत्परता के साथ काम करने को कहा।
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