सीजी भास्कर, 21 अगस्त : बिरगांव नगर निगम चुनाव (Birgaon Election 2026) को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित चुनाव से पहले निगम के 40 वार्डों का आरक्षण लॉटरी पद्धति से तय कर दिया गया है। इनमें 16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
आरक्षण तय होते ही शुरू हुआ चुनावी गुणा-गणित
कलेक्टर के निर्देश पर लॉटरी पद्धति से वार्डों का आरक्षण तय किया गया। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदार अब आरक्षण के हिसाब से अपनी रणनीति बदल रहे हैं। जिन वार्डों को महिला आरक्षित किया गया है, वहां महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
यह भी पढ़ें :
आरक्षण के बाद कई राजनीतिक नेताओं की नजर अब अपने परिवार की महिला सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारने पर भी है। इसके चलते बिरगांव के अलग-अलग वार्डों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा-कांग्रेस में बढ़ेगी सियासी हलचल
बिरगांव नगर निगम में वर्तमान में कांग्रेस की महापौर परिषद है। ऐसे में आगामी चुनाव में भाजपा निगम की सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगाने की तैयारी में है। वहीं कांग्रेस भी अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए रणनीति तैयार करेगी।
यह भी पढ़ें :
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद दोनों प्रमुख दलों में टिकट को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। संभावित प्रत्याशी अब राजनीतिक संपर्कों के साथ वार्डों में जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं।
मतदान केंद्र और मतदाता सूची का होगा सत्यापन
नगर निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वाशा के अनुसार वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार चुनाव से जुड़ी आगामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें मतदान केंद्रों का सत्यापन और मतदाता सूची का प्रकाशन भी शामिल है।
यह भी पढ़ें :
चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद अन्य प्रक्रियाएं भी निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ेंगी। आरक्षण तय होने के बाद अब सभी की नजर चुनाव कार्यक्रम और प्रत्याशियों के नाम पर रहेगी।
महापौर टिकट पर देवांगन समाज की दावेदारी
बिरगांव में महापौर पद के टिकट को लेकर सामाजिक स्तर पर भी दावेदारी सामने आने लगी है। देवांगन समाज महापौर पद के टिकट के लिए लामबंद होने की तैयारी में है। धर्म प्रचार प्रकोष्ठ देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष भीखम लाल देवांगन का कहना है कि निगम क्षेत्र में समाज की संख्या काफी है और समाज के लोगों की भाजपा के प्रति निष्ठा भी अधिक है।
यह भी पढ़ें :
उनका कहना है कि यदि पार्टी समाज से महापौर प्रत्याशी बनाती है तो समाज के लोग जीत के लिए पूरी ताकत से जुटेंगे। इससे महापौर पद के टिकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत हैं।
सड़क, पानी और सफाई बनेंगे चुनावी मुद्दे
आरक्षण के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन के साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर रणनीति बनाने की चुनौती है। बिरगांव में पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसे बुनियादी मुद्दे चुनाव में प्रमुख रह सकते हैं।
यह भी पढ़ें :
स्थानीय लोगों का कहना है कि जो राजनीतिक दल इन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देगा, उसके पक्ष में मतदाताओं का रुझान बन सकता है। ऐसे में आरक्षण के बाद बिरगांव में चुनावी मुद्दों और प्रत्याशियों को लेकर सियासी हलचल और बढ़ने की उम्मीद है।




