सीजी भास्कर, 29 अगस्त : भिलाई नगर निगम चुनाव (OBC Reservation) से पहले वार्ड आरक्षण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना ने राजनीतिक दलों और दावेदारों की सक्रियता बढ़ा दी है। महापौर पद पहले ही ओबीसी के लिए आरक्षित हो चुका है।
यह भी पढ़ें :Chhattisgarh Higher Education : कौशल, अनुसंधान और रोजगार से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य
सर्वे में ओबीसी आबादी 32 प्रतिशत पाए जाने के बाद आरक्षित पार्षद सीटों की संख्या 18 से बढ़ाकर 23 किए जाने की संभावना है। यानी ओबीसी वर्ग के लिए पांच सीटें बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर पार्षदों की दावेदारी से लेकर महापौर पद के चुनावी समीकरण तक देखने को मिलेगा।
भिलाई में बदल सकता है चुनावी समीकरण
भिलाई नगर निगम क्षेत्र में आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने निगम से वार्डों से संबंधित जरूरी जानकारी और दस्तावेज मंगाए थे। निगम की ओर से जानकारी भेजी जा चुकी है। अब आरक्षण की तारीख तय होने का इंतजार है। प्रशासनिक स्तर पर 15 सितंबर से पहले वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) बढ़ने के साथ इस वर्ग से आने वाले नेताओं की दावेदारी भी मजबूत होगी। राजनीतिक दलों के सामने महापौर पद के लिए मजबूत चेहरा चुनने के साथ वार्डवार प्रत्याशियों का चयन करने की चुनौती होगी। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद होने वाला यह पहला नगरीय चुनाव होने के कारण भी इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें :Chhattisgarh State Sports Award : 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को मिलेगा राज्य खेल अलंकरण
कई वार्डों की आरक्षण श्रेणी बदलने की तैयारी
प्रस्तावित व्यवस्था में कई वार्डों की आरक्षण श्रेणी बदलने की स्थिति बन रही है। सेक्टर-4 पश्चिम वार्ड-58 वर्तमान में एसटी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि सेक्टर-3 वार्ड-52 ओबीसी वर्ग में है। जुनवानी वार्ड-1 सामान्य है, जिसे एससी के लिए आरक्षित किए जाने की तैयारी बताई जा रही है। वहीं नेहरू नगर वार्ड-4 का एससी आरक्षण हटाया जा सकता है।
कोसा नगर वार्ड-5 को सामान्य से एससी किए जाने की चर्चा है। प्रियदर्शिनी परिसर वार्ड-6 और वार्ड-10 के मौजूदा एससी आरक्षण में भी बदलाव की तैयारी है। राजीव नगर वार्ड-9, जो वर्तमान में सामान्य महिला वर्ग के लिए है, उसे एससी के लिए आरक्षित किए जाने की चर्चा है। इन बदलावों का असर दूसरे वार्डों की आरक्षण श्रेणी पर भी पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें :Rajnandgaon Underbridge : पानी भरे अंडरब्रिज में युवक ने लगाई छलांग, तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम
एससी-एसटी आरक्षण पर पार्षदों ने जताई आपत्ति
प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था को लेकर 25 से अधिक पार्षदों ने कलेक्टर और निगम आयुक्त से शिकायत की है। पार्षदों का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है और इस बार वार्डों का परिसीमन भी नहीं किया गया है। ऐसे में एससी और एसटी वर्ग के लिए पहले से आरक्षित वार्डों की श्रेणी में बदलाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारों के मुताबिक आरक्षण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा रहा है। नई जनगणना और परिसीमन के अभाव में एससी-एसटी आरक्षित वार्डों में बदलाव को लेकर नियमों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें :Medical Rice : छत्तीसगढ़ में औषधीय धान की खेती, किसानों को मिल रहा प्रीमियम दाम
भिलाई निगम में आरक्षण की स्थिति
भिलाई नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं। इनमें 35 अनारक्षित वार्ड हैं, जिनमें 24 मुक्त और 11 महिला सीटें शामिल हैं। एससी के लिए 9 वार्ड, एसटी के लिए 3 वार्ड और ओबीसी के लिए 23 वार्ड आरक्षित किए जाने की प्रस्तावित स्थिति बताई जा रही है। ओबीसी की 23 सीटों में 15 मुक्त और 8 महिला सीटें शामिल होंगी।
ओबीसी आबादी 32 प्रतिशत होने के आधार पर ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) में पांच सीटों की बढ़ोतरी की तैयारी है। इससे आने वाले नगर निगम चुनाव में कई वार्डों की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। वहीं महापौर पद भी ओबीसी के लिए आरक्षित होने के कारण इस वर्ग के नेताओं की दावेदारी और मजबूत होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें :September 2026 Grah Gochar : सितंबर में बदलेंगे 4 बड़े ग्रह, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
आरक्षण से किसे कितना फायदा
- अनारक्षित: 35 वार्ड
- एससी: 9 वार्ड
- एसटी: 3 वार्ड
- ओबीसी: 23 वार्ड
- कुल: 70 वार्ड
- ओबीसी की 5 सीटें बढ़ने की संभावना
- 15 सितंबर से पहले आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद
भिलाई में ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) की नई तस्वीर सामने आने के बाद चुनावी तैयारियां और तेज होने की संभावना है। अंतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन वार्डों में किस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रास्ता खुलेगा और किन मौजूदा पार्षदों को अपनी सीट बदलनी पड़ सकती है।
खबरें और भी हैं:Raksha Bandhan Murder : रक्षाबंधन की रात दुर्ग में खूनी खेल, चाकू-पत्थर से युवक की हत्या




