सीजी भास्कर, 31 जुलाई। धमतरी जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर जागरूकता अभियान तेज कर (Rahveer Yojana) दिया गया है। पुलिस लगातार लोगों के बीच पहुंचकर यह समझा रही है कि सड़क हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट कितने अहम होते हैं और समय पर की गई मदद किसी घायल की जिंदगी बचा सकती है। अभियान को लेकर लोगों में भी उत्सुकता देखने को मिल रही है।
शहर से लेकर गांव तक पुलिस टीम अलग अलग स्थानों पर लोगों से संवाद कर रही है। बाजार, स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड और सार्वजनिक जगहों पर राहगीरों को बताया जा रहा है कि अब सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को न केवल कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि सरकार की ओर से सम्मान और नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा।

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धमतरी पुलिस चला रही विशेष जनजागरूकता अभियान Rahveer Yojana
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में धमतरी पुलिस जिलेभर में राहवीर योजना और गुड समेरिटन कानून को लेकर विशेष जनजागरूकता अभियान चला रही है। अभियान के दौरान वाहन चालकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों को सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गोल्डन ऑवर में मदद से बच सकती है जान
पुलिस लोगों को बता रही है कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी गोल्डन ऑवर सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि इस दौरान घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए हादसा देखकर मदद के लिए आगे आना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
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क्या है राहवीर योजना
राहवीर यानी गुड समेरिटन वह व्यक्ति होता है जो बिना किसी स्वार्थ के सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता (Rahveer Yojana) करता है। यदि कोई नागरिक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो भारत सरकार की ओर से उसे 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। इसके अलावा वर्षभर में चयनित सर्वश्रेष्ठ राहवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने और एक लाख रुपये तक के विशेष पुरस्कार का भी प्रावधान है।
मदद करने वालों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा
धमतरी पुलिस ने बताया कि मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के तहत लागू गुड समेरिटन कानून के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को अनावश्यक पुलिस, कानूनी या न्यायिक प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ता। अस्पताल और पुलिस भी ऐसे व्यक्ति को बिना कारण रोक नहीं सकते और उसकी पहचान उसकी इच्छा के बिना सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
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पुलिस ने लोगों से की यह अपील
धमतरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घबराने के बजाय तुरंत 112, 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम पुलिस थाने (Rahveer Yojana) को सूचना दें। घायल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि समय पर उठाया गया एक छोटा कदम किसी परिवार की खुशियां बचा सकता है।
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रिपोर्टर : रिजवान मेमन


