सीजी भास्कर, 7 अक्टूबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम (Seva Jyoti Event) में अपने राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह इस मुकाम तक पहुंचेंगे। पीएम मोदी ने इस लंबे सफर के लिए देश के लोकतंत्र और संविधान के प्रति आभार जताया।
#WATCH | "There are difficulties before us, but we also have 140 crore solutions," says PM Modi at 'Seva Jyoti' event to mark his 25 years in public service. pic.twitter.com/MmJaQpJI3a
— ANI (@ANI) October 7, 2026
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7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ था सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते समय उन्होंने नहीं सोचा था कि उनका सफर यहां तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होना उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की सेवा का अवसर है।
‘सबका साथ, सबका विकास’
पीएम मोदी ने सुशासन (Seva Jyoti Event) की चर्चा करते हुए कहा कि उनके लिए ‘सबका साथ, सबका विकास’ ही अच्छे शासन का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि देश ने ऐसी त्रासदी देखी है, जिसमें राजनीति के लिए समाज को वोट बैंक के आधार पर बांट दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि अगर खेतों तक पानी नहीं पहुंचता है तो नुकसान किसका होता है? क्या सिर्फ एक जाति के किसान प्रभावित होते हैं? अगर बिजली नहीं है तो क्या अंधेरा सिर्फ एक समुदाय के घर में छाता है?
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समाधान भी सभी के लिए होना चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सवालों का जवाब ‘नहीं’ है। जब कोई समस्या सभी को प्रभावित करती है तो उसका समाधान भी सभी के लिए होना चाहिए। इसी सोच के साथ सरकार ने अच्छे शासन को ‘सैचुरेशन’ से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सैचुरेशन का अर्थ है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजना का लाभ पहुंचे। कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए और कोई भी हकदार लाभार्थी पीछे नहीं रहना चाहिए।
‘किसी का हक नहीं छिनना चाहिए’
पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें कोई पात्र व्यक्ति छूटे नहीं और किसी दूसरे का हक भी न छीना जा सके। उन्होंने कहा कि यही सैचुरेशन मॉडल (Seva Jyoti Event) का मूल उद्देश्य है। उनके मुताबिक, सरकार का लक्ष्य हर पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि विकास का फायदा समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।
आदिवासी इलाकों और पहाड़ों में बिताया समय
पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने आदिवासी इलाकों में काम किया और पहाड़ों में समय बिताया। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने कभी खुद चुनाव लड़ने या किसी बड़े पद पर पहुंचने की योजना नहीं बनाई थी। उनका मानना था कि जिंदगी निजी फायदे के लिए नहीं, बल्कि किसी उद्देश्य के लिए जीनी चाहिए।
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लोकसेवा के 25 साल को बताया सेवा का सफर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का हिस्सा रहते हुए 25 साल पूरे करना उनके लिए केवल पद और उपलब्धियों का विषय नहीं है। यह देश की सेवा और लोगों के विश्वास की लंबी यात्रा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा। 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और इसके बाद से वह लगातार देश के प्रधानमंत्री हैं।
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लोकतंत्र और संविधान के प्रति जताया आभार
पीएम मोदी ने अपने 25 साल के सफर के लिए देश के लोकतंत्र और संविधान के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में देशवासियों का विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने लोकसेवा के 25 साल (Seva Jyoti Event) को देश के प्रति समर्पण और सेवा की निरंतर यात्रा के रूप में याद किया।
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