सीजी भास्कर, 11 सितम्बर। रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में प्रदेश के हर जिले में बोर्ड ऑफ विजिटर्स का गठन किया है। इसका उद्देश्य जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों की निगरानी करने के साथ बंदियों की शिकायतों पर सुनवाई और जेलों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करना है। (Chhattisgarh Board of Visitors)
जेल डीजी हिमांशु गुप्ता के मुताबिक, बोर्ड जेलों में चल रहे सुधार कार्यों, बंदियों को दी जा रही ट्रेनिंग, उसकी गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करेगा। साथ ही जेल व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी दिए जाएंगे।
जिला जज होंगे बोर्ड के अध्यक्ष : Chhattisgarh Board of Visitors
हर जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। कलेक्टर और एसपी इसके सदस्य होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, PWD के कार्यपालन अभियंता और जिला शिक्षा अधिकारी को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।

3 विधायक होंगे सदस्य, एक महिला जरूरी
बोर्ड में विधानसभा के 3 सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। इनमें कम से कम एक महिला विधायक का होना अनिवार्य है। विधायकों का नामांकन राज्य सरकार समय-समय पर करेगी। राज्य मानव अधिकार आयोग के एक नामित प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया गया है।
2 सामाजिक कार्यकर्ता भी होंगे शामिल : Chhattisgarh Board of Visitors
बोर्ड में दो सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सदस्य बनाया जाएगा। इनमें से एक महिला होना जरूरी है। जेल प्रशासन और बंदियों के कल्याण से जुड़े कार्यों में रुचि रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
रोजगार और पुनर्वास पर भी रहेगा फोकस
बोर्ड में जिला रोजगार अधिकारी, कृषि अधिकारी और जिला उद्योग अधिकारी को भी शामिल किया गया है। इससे बंदियों के प्रशिक्षण, रोजगार और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा सकेगी।
बंदियों की शिकायतों पर होगी सुनवाई : Chhattisgarh Board of Visitors
बोर्ड बंदियों की व्यक्तिगत और सामूहिक शिकायतों की समीक्षा करेगा। जेल प्रशासन के साथ चर्चा कर शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही जेलों में चल रहे सुधारात्मक कार्यों और सुविधाओं की नियमित समीक्षा कर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए जाएंगे।


