सीजी भास्कर, 18 सितंबर : विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti) के अवसर पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं कीं। इनमें शहरों में श्रमिक जन सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना और असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए ई-रिक्शा अनुदान बढ़ाना शामिल है। ई-रिक्शा के लिए सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने की घोषणा की गई।
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तीन बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री साय ने श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिकों के लिए घोषणाएं (Vishwakarma Jayanti) करते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार से जुड़ी जरूरतों पर काम कर रही है। तीनों घोषणाओं का उद्देश्य श्रमिकों को सुविधाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
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सुविधा केंद्र बनेंगे
मुख्यमंत्री ने शहरों में आधुनिक श्रमिक जन सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों पर काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों के लिए बैठने, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
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ई-बाइक सहायता योजना
पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई। ई-बाइक सहायता योजना (Vishwakarma Jayanti) का उद्देश्य काम के लिए लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के आवागमन को आसान बनाना है।
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ई-रिक्शा अनुदान दोगुना
असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए ई-रिक्शा खरीदने पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई है। पहले यह सहायता 50 हजार रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपए तक कर दिया गया है।
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स्वरोजगार को मिलेगा सहारा
ई-रिक्शा के लिए बढ़ी सहायता से रिक्शा चालकों को आधुनिक वाहन खरीदने में आर्थिक मदद मिलने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
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श्रमिकों की सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार श्रमिकों के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनके जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए योजनाओं का विस्तार कर रही है।
साय ने गिनाईं प्राथमिकताएं
श्रमिक कल्याण (Vishwakarma Jayanti) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक मजबूती देना है। उन्होंने श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर भी जोर दिया।
1.43 लाख श्रमिकों को राशि
महासम्मेलन में श्रम विभाग की 26 योजनाओं के तहत 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि और सामग्री का वितरण भी किया गया।
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100 महिलाओं को ई-रिक्शा
कार्यक्रम में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।
मोदी को दी जन्मदिन बधाई
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ भी प्रज्वलित किया।
श्रमिक परिवारों पर फोकस
श्रमिक महासम्मेलन (Vishwakarma Jayanti) में सरकार की ओर से श्रमिक परिवारों की शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
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