सीजी भास्कर, 06 सितम्बर। धमतरी जिले के मगरलोड नगर पंचायत के वार्ड नंबर-4 में 26 वर्षीय युवती की मौत का मामला सामने आया है। लता सिन्हा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि युवती ने पहले अपने माता-पिता को कमरे में बाहर से बंद कर दिया था। दोनों रातभर कमरे में ही बंद रहे और उन्हें बेटी के हॉल में फांसी लगाने की जानकारी नहीं हुई। (Suspicious Death Case)
सुबह रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मदद से कमरे का ताला खुला तो माता-पिता ने हॉल में बेटी को फंदे पर लटका देखा। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रात में सामान्य था माहौल, फिर माता-पिता को किया बंद : Suspicious Death Case
परिजनों के अनुसार घटना वाली रात परिवार ने साथ में खाना खाया था। इसके बाद लता के माता-पिता अपने कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे। इसी दौरान लता वहां पहुंची और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
माता-पिता ने आवाज लगाई, लेकिन शुरुआत में उन्हें लगा कि बेटी मजाक कर रही है। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने के बाद दोनों रातभर कमरे में बंद रहे। सुबह उन्होंने फोन से रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी।
रिश्तेदारों और ग्रामीणों के पहुंचने के बाद ताला तोड़ा गया। बाहर निकलने पर माता-पिता ने हॉल में लता को फंदे पर लटका हुआ पाया। इसके बाद पुलिस और डायल-112 को सूचना दी गई।

बैगा से बढ़ा संपर्क, मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
परिवार ने बताया कि कुछ समय से लता का गांव के एक बैगा के यहां आना-जाना बढ़ गया था। वह बैगा से लंबे समय तक फोन पर बातचीत भी करती थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवती किसी मानसिक दबाव या अन्य परेशानी से गुजर रही हो सकती थी।
हालांकि, बैगा के संपर्क का युवती की मौत से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने लता का मोबाइल जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल समेत फोन में मौजूद जानकारी की जांच की जा रही है। घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आत्महत्या की वजह अब भी स्पष्ट नहीं, जांच जारी : Suspicious Death Case
युवती ने माता-पिता को कमरे में बंद करने के बाद यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और युवती के संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
परिवार की ओर से बैगा से संपर्क को लेकर लगाए गए संदेह की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने पिता हीरालाल सिन्हा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम किया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।




