सीजी भास्कर, 12 सितंबर : गंगरेल बांध से पानी की निकासी (Gangrel Dam Water Release) बढ़ने के बाद महानदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। 11 सितंबर की रात 10 बजे की स्थिति में गंगरेल से कुल 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसमें 5 हजार क्यूसेक पानी एनआरबी से एमएमसी की ओर और 25 हजार क्यूसेक महानदी की ओर प्रवाहित किया जा रहा था।
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लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक बनी हुई है। रात 10 बजे गंगरेल का जलस्तर 348.43 मीटर दर्ज किया गया और बांध में 35,058 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। बांध अपनी कुल जलभराव क्षमता का 96.66 प्रतिशत भर चुका था। आवक बढ़ने की स्थिति में पानी की निकासी और बढ़ाई जा सकती है।
गंगरेल में तेजी से बढ़ा जलस्तर
गंगरेल बांध में पानी की निकासी (Gangrel Dam Water Release) के साथ जलस्तर और आवक पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। रात 10 बजे तक बांध में 35,058 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था, जबकि कुल 16,725 क्यूसेक पानी की निकासी दर्ज की गई थी। जलग्रहण क्षेत्र में पानी की आवक बनी रहने से आने वाले समय में निकासी की मात्रा बढ़ाने की संभावना भी जताई गई है।
रात 8 बजे की स्थिति में मुरूमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत, गंगरेल 96.17 प्रतिशत, दुधावा 91.80 प्रतिशत और सोढ़ुर 72.82 प्रतिशत भरा हुआ था। इन जलाशयों में भी लगातार पानी पहुंच रहा है, जिससे जिले में जलप्रवाह की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी और बढ़ गई है।
चारों बांधों में जारी आवक
रात 8 बजे उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक गंगरेल में 23,214 क्यूसेक, मुरूमसिल्ली में 6,000 क्यूसेक, दुधावा में 3,225 क्यूसेक और सोढ़ुर में 2,189 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। जलाशयों में बढ़ते जलस्तर (Gangrel Dam Water Release) को देखते हुए जल प्रबंधन के तहत पानी की निकासी की जा रही है।
गंगरेल से महानदी की ओर छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को भी स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
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महानदी किनारे गांवों में अलर्ट
बांधों में बढ़ते जलस्तर और आगामी बारिश की संभावना को देखते हुए महानदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की गई है। इसके साथ ही अनावश्यक रूप से नदी-नाले पार नहीं करने की भी सलाह दी गई है।
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प्रशासन ने लोगों को किसी भी आपात स्थिति में चिन्हांकित ऊंचे स्थानों पर जाने और सुरक्षित रहने के लिए कहा है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की जरूरत है।
निकासी पर प्रशासन की नजर
पानी की निकासी (Gangrel Dam Water Release) और आवक की स्थिति पर जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। बांधों के जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का फोकस निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर है। यदि जलग्रहण क्षेत्र में पानी की आवक और बढ़ती है तो गंगरेल से निकासी की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में महानदी के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
लोगों से सावधानी की अपील
वर्तमान स्थिति में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से बच्चों और ग्रामीणों को नदी किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
गंगरेल में 96.66 प्रतिशत जलभराव (Gangrel Dam Water Release) और लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए आने वाले घंटों में स्थिति पर प्रशासन की निगाह बनी रहेगी। जलस्तर, आवक और निकासी में बदलाव के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे।
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