सीजी भास्कर, 31 जुलाई। दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट की आदिवासी विकास शाखा से जारी एक आदेश को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि आदेश में उन्हें सम्मान के दायरे से बाहर रखा गया है। इसे लेकर कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई और आदेश निरस्त करने की मांग की है। (Contract Employees Protest)
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कर्मचारियों ने उपेक्षा का लगाया आरोप : Contract Employees Protest
छत्तीसगढ़ संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने कहा कि प्रदेश में दो लाख से अधिक संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अन्य अनियमित कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। मंत्रालय से लेकर मुख्यमंत्री निवास, मंत्रियों के कार्यालयों और अन्य शासकीय संस्थानों तक ये कर्मचारी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
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कलेक्टोरेट के आदेश पर कर्मचारियों ने जताई आपत्ति
उन्होंने कहा कि यदि सभी कर्मचारियों को सम्मानित करना संभव नहीं है, तो कम से कम ऐसा कोई सार्वजनिक आदेश जारी नहीं होना चाहिए, जिससे संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की उपेक्षा का संदेश जाए। उनका कहना है कि इससे वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के योगदान और मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
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समान सम्मान और बराबरी के व्यवहार की उठी मांग : Contract Employees Protest
कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए मांग की है कि संबंधित आदेश को तत्काल वापस लिया जाए और भविष्य में सभी कर्मचारियों के साथ समान एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
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