सीजी भास्कर, 31 जुलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कथित सेक्स CD कांड मामले में हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान जारी किया। (Bhupesh Baghel Relief)
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भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 24 जनवरी 2026 को CBI की विशेष अदालत द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके पक्ष में दिए गए पूर्व के डिस्चार्ज (आरोपमुक्ति) आदेश को निरस्त करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।
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मामले की अगली सुनवाई तक अंतरिम राहत बरकरार : Bhupesh Baghel Relief
सुनवाई के दौरान बघेल की ओर से दलील दी गई कि पुनरीक्षण अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए न केवल डिस्चार्ज आदेश को पलटा, बल्कि आरोपों की प्रकृति भी बदल दी, जबकि ऐसा अधिकार केवल ट्रायल कोर्ट को उचित चरण पर ही प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोप तय करने के लिए आवश्यक “गंभीर संदेह” का आधार भी नहीं बनाते।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में मामले की आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके चलते फिलहाल ट्रायल कोर्ट में इस मामले की प्रक्रिया अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी।
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क्या है मामला?
यह मामला (Bhupesh Baghel Relief) वर्ष 2017 का है, जब तत्कालीन मंत्री एवं भाजपा विधायक राजेश मूणत की कथित अश्लील CD तैयार कर उसे प्रसारित करने और उनकी छवि धूमिल करने के आरोप सामने आए थे। जांच CBI को सौंपी गई थी। जांच के बाद एजेंसी ने भूपेश बघेल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, जालसाजी, फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के उपयोग तथा अश्लील सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण सहित विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था।
मार्च 2025 में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पर्याप्त प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर भूपेश बघेल को डिस्चार्ज कर दिया था। बाद में जनवरी 2026 में CBI के विशेष न्यायाधीश ने उस आदेश को पलटते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से उन्हें महत्वपूर्ण राहत मिली है।
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